दिल्ली-एनसीआर

उपराष्ट्रपति और रक्षामंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को दी श्रद्धांजलि

Admindelhi1
25 Sept 2026 11:57 AM IST
उपराष्ट्रपति और रक्षामंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को दी श्रद्धांजलि
x
शीर्ष नेताओं ने दीनदयाल उपाध्याय को अर्पित की श्रद्धांजलि

नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने शुक्रवार को अंत्योदय और एकात्म मानववाद दर्शन के प्रणेता एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी।

उपराष्ट्ररपति ने एक्स पर कहा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को उनकी जयंती पर मैं सादर नमन करता हूं। एक दूरदर्शी विचारक, देशभक्त और 'एकात्म मानववाद' व 'अंत्योदय' के पुरोधा के रूप में, विकास के केंद्र में लोगों को रखने और पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के उत्थान के उनके शाश्वत आदर्श, समावेशी प्रगति, सामाजिक न्याय और राष्ट्र-निर्माण की हमारी सामूहिक यात्रा को निरंतर प्रेरित करते हैं।

बिरला ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन सादगी, चिंतनशीलता, राष्ट्र की निस्वार्थ सेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के प्रति समर्पण का एक प्रेरणादायक उदाहरण रहा है। 'अंत्योदय' के माध्यम से, दीनदयाल ने विकास कार्यों में समाज के सबसे पिछड़े और वंचित व्यक्ति को प्राथमिकता देने की वकालत की। उनके विचारों का मूल सार यह था कि विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचे और हर व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर मिलें। स्वदेशी, आत्मनिर्भरता, सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रीय एकता पर उनके विचार आज भी समकालीन भारतीय विमर्श और राष्ट्र-निर्माण की चर्चाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। दीनदयाल उपाध्याय के विचार और उनका व्यक्तित्व सदैव प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे।

राजनाथ सिंह ने कहा कि उपाध्याय का जीवन राष्ट्र की निस्वार्थ सेवा, सादगी, ईमानदारी और सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। 'अंत्योदय' के माध्यम से उन्होंने समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास, अवसर और सम्मान पहुंचाने का मार्ग दिखाया, वहीं 'एकात्म मानववाद' के जरिए उन्होंने समावेशी, संतुलित और एकीकृत विकास का एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उनके विचार, जीवन और आदर्श सदैव राष्ट्र-सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह ने कहा कि दीनदयाल राजनीति को सत्ता पाने का साधन नहीं बल्कि राष्ट्र-सेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान का माध्यम मानते थे। 'राष्ट्रधर्म' और 'पाञ्चजन्य' के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रीय विचारों को स्वर दिया, साथ ही अनेक आंदोलनों के ज़रिए राष्ट्रीय एकता के मुद्दों को पूरी स्पष्टता के साथ उठाया।

केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्गमंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय के विचारों और सिद्धांतों ने देश को एक वैकल्पिक विचारधारा प्रदान की। राष्ट्र के पुनर्निर्माण में उनकी विचारधारा ने अहम भूमिका निभाई। गरीबों के कल्याण के उद्देश्य से, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद के दर्शन और अंत्योदय की विचारधारा को साकार किया और उसे करके दिखाया। ऐसे महान दूरदर्शी को नमन।

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याणमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय का सिद्धांत ही हमारी प्रेरणा है। उन्होंने राष्ट्र को एकात्म मानववाद के रूप में एक ऐसा उत्कृष्ट विचार दिया है, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत की नींव है। आपका आदर्श जीवन और पवित्र विचार सभी को राष्ट्रोत्थान और जन-कल्याण के कार्यों के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे।

Next Story